युद्ध ग्रस्त अफगानिस्तान से पवित्र गुरु ग्रंथ साहिब की तीन प्रति अपनी जान पर खेल कर वापिस भारत लौटे

अफगानिस्तान के हालात पर पूरी दुनिया की नजरें बनी हुई है। एक तरफ जहां बड़ा रेस्क्यू अभियान चल रहा है तो वहीं अफगानिस्तान में फंसे भारतीयों को वापस लाने का सिलसिला भी जारी है। यह तस्वीर है काबुल से भारत के लिए निकले  श्री गुरु ग्रंथ साहिब सिर पर रख काबुल एयरपोर्ट का 10 किलोमीटर का सफर खौफ के बीच पूरा किया।

लोगों के दिलों में तालिबान का डर था। तालिबान ने रास्ते में जगह-जगह पर चेकप्वाइंट लगा रखे हैं। ऐसे में एयरपोर्ट सुरक्षित पहुंचना सबसे बड़ी चुनौती थी। यह जानकारी इंडियन वर्ल्ड फोरम के अध्यक्ष पुनीत सिंह चंडोक ने दी। इन लोगों को पहले काबुल से ताजिकिस्तान की राजधानी दुशांबे पहुंचाया गया था।

अब 1 दिन बाद सिर पर गुरु ग्रंथ साहिब लिए अफगान के सिख भारत पहुंचे तो उनके स्वागत के लिए खुद केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे। दिल्ली एयरपोर्ट पर काबुल से लाए गए श्री गुरु ग्रंथ साहिब का स्वरूप ग्रहण करने के लिए पूरी ने पूरे अदब के साथ गुरु ग्रंथ साहिब के प्रति अपने सिर पर लेकर एयरपोर्ट से बाहर निकले।

इस दौरान केंद्रीय मंत्री “सतनाम श्री वाहेगुरु” का लगातार का जाप कर रहे थे। इसके बाद गुरु ग्रंथ साहिब को पुरे सम्मान के साथ गुरूद्वारे पहुंचाया गया। तालिबान के अफगानिस्तान पर कब्जे के बाद से वहां स्थिति काफी खराब होती जा रही है। काबुल से गुरु ग्रंथ साहिब की तीन प्रतियों के साथ 46 समेत 78 लोग 24 अगस्त के सुबह दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंचे।

काबुल से निकलने के बाद एयरपोर्ट पर पहुंचने पर इन लोगों के चेहरे पर काबुल से सुरक्षित निकलने की खुशी साफ नजर आ रही थी। प्लेन में पहुंचते ही लोगों में उत्साह देखते ही बनता था। यह लोग “जो बोले सो निहाल सत श्री अकाल वाहेगुरु जी का खालसा वाहेगुरु जी की फतेह के” नारे लगा रहे थे। विमान में 25 भारतीय नागरिक सहित 78  यात्री सवार थे।

खबरों के मुताबिक भारतीय वायुसेना का एक विमान युद्ध ग्रस्त अफगानिस्तान से पवित्र गुरु ग्रंथ साहिब की तीन प्रतियों और 75 यात्रियों को लेकर भारत लौट रहा है। इनमें 46 आपराधिक और हिंदू शामिल। अफगानिस्तान में अभी 252 सिख और हिंदू फंसे हुए हैं। अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद वहां से लोगों को बाहर निकालने का प्रयास जारी हैं।

By Rajesh