तालिबान का असली चेहरा सामने आने लगा है। तालिबान अपना रंग दिखाने लगा है। अफगानिस्तान पर कब्जे के बाद सरकार बनाने से पहले ही तालिबान ने अपना असली रंग दिखाना शुरू कर दिया है। तालिबानियों ने अपनी अजीबो गरीब नियम जनता पर थोपने का फरमान जारी किया है। 21 अगस्त को कट्टर मुस्लिम संगठन ने अपना पहला फतवा जारी किया।

जिसमें हेरात प्रांत में सभी सरकारी और प्राइवेट कॉलेजों में लड़के लड़कियों के साथ पढ़ने पर रोक लगा दी गई है। तालिबान का कहना है कि समाज में सभी बुराइयों की जड़ यही है। को-एजुकेशन स्कूलों में को एजुकेशन जारी रखने का कोई विकल्प और औचित्य नहीं है। हम इसे खत्म करने का आदेश दे रहे। महिला अध्यापकों को केवल महिला छात्रों को पढ़ाने की अनुमति होगी और वे पूर्व छात्रों को नहीं पढ़ाएंगे।

इस आदेश को जारी करने से पहले तालिबान के अधिकारियों ने विश्वविद्यालय के प्रोफेसरों और निजी संस्थान के मालिकों के साथ 3 घंटे तक बैठक की। अब तक स्कूली शिक्षा देने के लिए एजुकेशन दो तरह की प्रणाली अपनाई जाती थी। लड़के-लड़कियों को एक साथ और अलग-अलग कक्षा प्रणाली भी संचालित की जाती थी।

By Rajesh