तालिबान ने अफगानिस्तान की रक्षा मंत्री की कमान मुल्लाह अब्दुल कयूम ज़ाकिर के हाथो में सौपी

14 अगस्त का दिन अफगानिस्तान के लिए आफत ले कर आया था। जब तालिबान ने काबुल पर भी कब्ज़ा कर लिया था। अफगानिस्तान की हालत हर दिन ख़राब होते जा रही हैं। हलाकि तालिबान एक तरफ खुद की छबि को बदलने की कोशिश करता हुआ नजर आ रहा है तो दूसरी तरफ अपना 20 साल पुराना इतिहास दोहरा रहा है।

उसने महिलाओं को काम करने से रोक दिया है। निर्दोष लोगों की हत्याएं कि जा रही हैं। लोग अफगानिस्तान से भाग रहे हैं।  इसके साथ ही तालिबान अपने खुखार तालिबानी मुल्लाह अब्दुल कयूम ज़ाकिर को अफगानिस्तान का नया रक्षा मंत्री घोषित किया हैं।

मुल्लाह अब्दुल कयूम ज़ाकिर कितना खतरनाक आतंकी और  कमांडर रहा होगा इसका अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि वह अमेरिका में हुए 9/11 हमले के बाद दुनिया का नर्क कहे जाने वाली गुअंत नामु जेल में रहा और अब इसकी क्रूरता अफगानिस्तान के लोग देखेंगे। कौन है मुल्लाह अब्दुल कयूम ज़ाकिर और क्यों इसे इतना खतरनाक दुर्दांत आतंकी कहा जाता है ?

दरअसल अफगानिस्तान के 34 प्रांतो में से 33 प्रांतो पर कब्जे के बाद तालिबान अफगानिस्तान में सरकार बनाने की तयारी में जूटा हैं। सरकार चलाने से पहले तालिबान अलग – अलग विभागों के प्रमुख की नियुक्ति भी कर रहा हैं। तालिबान ने दुनिया के सबसे खतरनाक जेल के कैदी और अमेरिका से शांति वार्ता के विरोधी रहे आतंकी को देश के रक्षा विभाग की कमान सौंप दी है।

तालिबान ने ग्वांतनामो जेल में रहा आतंकी मुल्लाह अब्दुल कयूम ज़ाकिर को अफगानिस्तान का अंतरिम रक्षा मंत्री नियुक्त किया है। अंतरराष्ट्रीय न्यूज़ चैनल अल जजीरा ने इस बात की पुष्टि की है। लेकिन मुल्लाह अब्दुल कयूम ज़ाकिर हैं कौन ? दरअसल कहा जाता हैं की मुल्लाह अब्दुल कयूम ज़ाकिर एक अनुभवी तालिबानी कमांडर और तालिबान के संस्थापक मुल्ला उमर का करीबी साथी है।

By Rajesh