कोरोना की तीसरी लहर की शुरुआत, बच्चों पर मंडरा रहा खतरा

कम्युनिटी ट्रांसमिशन जोरो से हो रहा है जैसे हमने दूसरी लहार में देखा था। बहरूपिया कोरोना का  खतरा अभी टला नहीं है। दूसरी लहर के बाद अब तीसरी लहर की आहट सुनाई दे रही है।

तीसरी लहर के आने की आशंका के बीच केंद्रीय गृह मंत्रालय के एक पैनल ने पीएमओ को रिपोर्ट सौंपी है। जिसमें तीसरी लहर को लेकर कई चीजों का जिक्र किया गया है। दरअसल केंद्रीय गृह मंत्रालय के तहत नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजास्टर मैनेजमेंट तीसरी लहर के मद्देनजर मिल रही चेतावनी को लेकर इस लड़ने की तैयारियों में जुट गया है।

इस रिपोर्ट में कहा गया है कि तीसरी लहर का पिक अक्टूबर में हो सकता है।  इस बात के पर्याप्त सबूत मिले हैं कि बच्चों पर इस वायरस का असर ज्यादा होगा क्योंकि भारत में बच्चों को टीके अब तक नहीं लगे हैं। अधिकतर बच्चों के जो एक्सपर्ट्स है उनका मानना है कि यदि पहले लहर और दूसरे लहर में बच्चे जिस प्रकार संक्रमित हुए है तो हम क्यों मान ले की बच्चे संक्रमित नहीं होंगे।

जबकि तीसरी लहार में बच्चो का संक्रमित होने की आशंका ज्यादा हैं। क्यूंकि पहले और दूसरे लहार में व्यस्को की संक्रमित होने का खतरा ज्यादा था इस लिए तीसरी लहर से पहले लगभग सभी व्यस्को का टीकाकरण पूरा हो जायेगा तो बचा कौन बच्चे। हमें पहले और दूसरे लहार को ध्यान में रहते हुए बच्चो के लिए भी टीकाकरण अभियान शुरू कर देना चाहिए था।

अब जब श्कूल खोले जा रहे हैं तो उसके बाद क्या हालात रहेंगे इस पर गृह मंत्रालय के पैनल ने कहा है कि सावधानी नहीं बरती गई तो स्कूलों में कोरोना कम्युनिटी ट्रांसमिशन हो सकता है। शिक्षको और स्कूल स्टाफ को पूरी तरह से व्यक्सीनेट किया जाए। कुल मिलाकर देखा जाए तो कोरोना का खतरा अभी टला नहीं है।

भले ही कहा जा रहा है कि तीसरी लहर का असर बच्चों पर ज्यादा होगा। इसका मतलब यह नहीं है कि बड़ों को छूट मिल गई है। सावधानी नहीं बरती तो तीसरी लहर में और मुश्किल खड़ी हो सकती है।

By Rajesh