काबुल धमाकों में 90 लोग मरे गए 140 घायल, IS ने ली जिम्मेदारी

गुरुवार देर शाम काबुल के अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर हुए दो धमाकों में 90 लोगों की मौत हो गई और 140 लोग घायल हुए हैं। अफगानिस्तान के स्वास्थ्य अधिकारी के मुताबिक इस हमले में 13 अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं। साल 2011 के बाद अमेरिकी सैनिकों के लिए यह सबसे खतरनाक हमला साबित हुआ है।

इस हमले पर अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन ने कहा “इस हमले के पीछे जो भी है। उसे हम ढूंढ निकालेंगे और इसकी कीमत उसको चुकानी होगी, ना हम उन्हें भूलेंगे और ना ही माफ करेंगे। आतंकवादी अमेरिकियों को हमारा काम करने से रोक नहीं सकते। हम काबुल में अपना मिशन नहीं रुकेंगे और लोगों को सुरक्षित अफगानिस्तान से बाहर निकालने का काम जारी रहेगा।”

काबुल एयरपोर्ट पर हुए धमाके की जिम्मेदारी इस्लामिक स्टेट समूह ने ली हैं। उन्होंने अपने टेलीग्राम चैनल के जरिए कहा है कि “एयरपोर्ट पर हुए हमले पर इस्लामिक स्टेट खुरासान का हाथ हैं, इस्लामिक स्टेट खुरासान ने कहां है कि “यह एक आत्मघाती हमला था” इससे पहले अमेरिकी रक्षा विभाग ने भी हमले के पीछे इस्लामिक स्टेट के होने की संभावना व्यक्त की थी।

नेटो के मुख्य सचिव ने इस घटना को भयानक आतंकी हमला बताया है और कहा है कि “जितने लोगों को यहां से सुरक्षित बाहर निकालना हमारी प्राथमिकता है” अमेरिकी कमांडर कथित इस्लामिक स्टेट के हमलो के लिए अलर्ट हो गए हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमान के प्रमुख जनरल फ्लैट मेकेंजी का कहना है कि काबुल एयरपोर्ट पर रखे गाड़ियों पर राकेट आवर बम से हमले की आशंका है।

जनरल मेकेंजी से कहा सावधानी के साथ हर संभव कोशिश कर रहे हैं ताकि पूरी तरह तैयार रहे। इस बिच अफगानिस्तान से अमेरिकी फ़ौज कि वापसी की प्रक्रिया तेज़ हो गई हैं। 31 अगस्त से पहले तालिबान हुए समझते के मुताबिक अमेरिकी फ़ौज को देश छोर देना हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने इस समय सीमा को बढ़ाया नहीं है।

उन्होंने कहा है कि हमलों के बावजूद अफगानिस्तान से निकलने की प्रक्रिया जारी रहेगी। उन्होंने यह भी कहा की गुरु वर को हुए हमले का बदला वह जरूर लेंगे। उन्होंने पेंटागन को आदेश दिया हैं कि IS पर हमले की योजना बाई जाए। सूत्रों के अनुसार काबुल एयरपोर्ट हमले में तालिबान के कम से कम 27 लड़ाके मरे गए हैं।

By Rajesh