सत्ता छीने के 20 साल बाद अफगानिस्तान पर तालिबान का फिर से कब्ज़ा हो चूका हैं। उसके लड़ाके काबुल में दाखिल हो चुके हैं। तालिबान अब नई सरकार बनाने की तैयारी कर रहा हैं और अफगानिस्तान के राष्ट्रपति रहे असरफ गनी देश छोर कर जा चुके हैं। राजधानी काबुल में अफरा-तफरी का माहौल हैं।

अमेरिका ने कहा है की उसने काबुल हवाई अड्डे को अपनी सुरक्षा में लिया हुआ है ताकि वह पश्चिमी देसो के दूतावास के कर्मचारियों को अपने देश ले जा सके। ज्यादातर विमानों की यात्रा रोक दी गई हैं। तालिबान ने अपने लड़ाकों से कहा की वह अफगान नागरिको को नुकसान न बहुचाये। अमेरिका और तालिबान के बिच मध्यस्थ करने वाली टीम के सदस्य ने बताया हैं की तालिबान किसी से बदला नहीं लेगा।

लेकिन लोगो में डर हैं विदेशी नागरिक समेत कई अफगानी नागरिक भी देश छोर कर भागना चाहते हैं। बीते 20 सालो में यहाँ स्थिरता और लोकतंत्र की झलक मिल रही थी मगर ये सब चंद दिनों में ख़त्म हो गया। हाला की कुछ खुस किस्मत लोग इस हालत से बचने में कामयाब हो चुके हैं। कई दसक पहले विदेशी सैनिको ने जिस तालिबान को सत्ता से हटाया था।

अब वह वापिस लौट आया हैं। तालिबान ने काबुल के राष्ट्रपति निवास समेत पुरे सरकारी विभाग को अपने नियंत्रण में लेने का दवा किया हैं। लोगो को सुरक्षित यहाँ से निकलने के लिए अब विदेशी सैनिक यहाँ काबुल पहुंच गए हैं।

आइये जानते है तालिबान हैं कौन ?

90s के दसक में सोवियत सेना के अफगानिस्तान से लौटने के बाद सऊदी अरब ने उत्तरी पाकिस्तान के कई धार्मिक संस्थानों को आर्थिक मदत की यही से तालिबान उभरा और  दक्षिण – पश्चिम अफगानिस्तान को तालिबान ने अपना गढ़ बनाया और कुछी सालो में देश की सत्ता को काबू में कर लिया।

By Rajesh